भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक नया अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर बड़ी करवट लेने जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच अब चक्रवाती गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में धूप निकलने से कोहरे और शीतलयर से मामूली राहत मिली थी, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अधिक समय तक नहीं टिकेगी।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के इलाकों में मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। अगले 48 घंटों में कोहरे की सघनता में कमी आ सकती है, लेकिन इसके तुरंत बाद बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड अभी पूरी तरह खत्म नहीं होने वाली है। फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर सर्दी का असर बना रह सकता है। फिलहाल बारिश के इस दौर के लिए लोगों को तैयार रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे नमी बढ़ेगी और ठिठुरन वाली ठंड वापस लौट सकती है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि अपडेट
मौसम के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गई हैं, जो किसानों के लिए बेहद जरूरी हैं:
- खाद की नई रेट लिस्ट (Fertilizer Prices 2026): वर्ष 2026 के लिए यूरिया, DAP, पोटाश और NPK की नई रेट लिस्ट जारी कर दी गई है। किसान भाई अब नई सरकारी कीमतों के आधार पर ही अपनी खाद की खरीदारी करें।
- गर्मी में मक्का की खेती: गर्मी के सीजन में मक्का की खेती के लिए टॉप 5 हाइब्रिड किस्मों की जानकारी दी गई है। सही प्रबंधन और उन्नत किस्मों के चुनाव से किसान प्रति एकड़ 60 क्विंटल तक का बंपर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
- ओलावृष्टि की चेतावनी: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के 5 राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की आशंका जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पक कर तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने या ढकने के उचित प्रबंध करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह मौसम अपडेट और कृषि जानकारी वर्तमान सैटेलाइट डेटा और आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। स्थानीय मौसम की स्थिति में तात्कालिक बदलाव संभव है, इसलिए अपने क्षेत्रीय प्रशासन और मौसम केंद्र के निर्देशों का पालन करें।