Weather Update Today : देश के मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, फरवरी के इस सप्ताह में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है। इस मौसमी तंत्र का व्यापक असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना काफी बढ़ गई है।
पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के राज्यों में स्थिति निम्नलिखित रह सकती है:
- पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, लाहौल-स्पीति और चंबा जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात शुरू हो गया है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में भी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है।
- मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
- राजस्थान और उत्तर प्रदेश: राजस्थान के जयपुर, अलवर और श्रीगंगानगर में बारिश की गतिविधियां सक्रिय हैं। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा और झांसी में भी बारिश की प्रबल संभावना है।
यह मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ेगा, जिससे वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिवान जैसे इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
शीतलहर और पाले का दोबारा बढ़ेगा प्रकोप
जैसे ही यह मौसमी सिस्टम आगे बढ़ेगा, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं एक बार फिर मैदानी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर लेंगी। इसके परिणामस्वरूप:
- तापमान में दोबारा बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।
- राजस्थान के कई जिलों में पाले (Frost) की संभावना है, जो फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
- मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी ठंड बढ़ने के संकेत हैं।
- आने वाले दिनों में घना कोहरा जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर सकता है।
सर्राफा बाजार: सोने की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
मौसम के साथ-साथ बाजार में भी बड़ी हलचल देखी जा रही है। वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की कीमतों ने आज अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, सोने की कीमत 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है। कीमतों में इस भारी उछाल से ग्राहकों और निवेशकों के बीच काफी चर्चा बनी हुई है।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
आगामी 72 घंटे कृषि कार्यों के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं। किसान भाई इन बातों का ध्यान रखें:
- जल निकासी: ओलावृष्टि और बारिश के दौरान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि फसल खराब न हो।
- फसल सुरक्षा: पाले से सरसों और सब्जियों की फसलों को बचाने के लिए आवश्यक रसायनों या सिंचाई का प्रबंध करें।
- सिंचाई योजना: मौसम के ताजा अपडेट के आधार पर ही सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव का निर्णय लें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह मौसम अपडेट वर्तमान उपग्रह चित्रों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम की तात्कालिक स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम केंद्रों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।